अगर कत्ल के आरोप से बरी होना है, तो मुसलमान बन जाओः पाक अभियोजक

पाकिस्तान में अल्पसंख्यक ईसाइयों पर धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाया जा रहा है. पाकिस्तानी अभियोजन ने दो लोगों की हत्या के मामले में आरोपों का सामना कर रहे 42 ईसाइयों से कहा कि अगर वे मुसलमान बन जाते हैं, तो आरोपों से बच सकते हैं. मामले में कानूनी सहायता मुहैया कराने वाले कार्यकर्ता जोसेफ फ्रांसिस ने आरोप लगाया है कि जिला उप अभियोजक सईद अनीस शाह ईसाई समुदाय के लोगों को ब्लैकमेल कर रहे हैं और इन पर धर्म परिवर्तन का दबाव बना रहे हैं.

सईद इनको इस बात की गारंटी दे रहे हैं कि अगर वे इस्लाम कबूल लेते हैं, तो उनको आरोपों से बरी कर दिया जाएगा. हालांकि सईद की इस बात का एक आरोपी ने कड़ा विरोध किया. उसने कहा कि हम फांसी में झूल जाएंगे, लेकिन इस्लाम कबूल नहीं करेंगे, जबकि अन्य आरोपी मौन खड़े रहे. ईसाई समुदाय के इन लोगों पर आत्मघाती बम धमाकों के बाद साल 2005 में दो लोगों की हत्या करने का आरोप है.

ईसाई बस्ती में धमाके के बाद गुस्साई भीड़ ने दो लोगों की हत्या कर दी थी. मामले के कुछ आरोपियों की पैरवी कर रहे वकील नसीब अंजुम ने बताया कि पाक लोक अभियोजक की ओर से धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया जाना कोई नई बात नहीं है. सईद ने छह महीने पहले भी कुछ अभियुक्तों पर इस्लाम कबूल करने का दबाव बनाया था, लेकिन उन्होंने इससे इनकार कर दिया था.


मामले में जब सईद अनीस शाह से संपर्क किया गया, तो उन्होंने पहले आरोप को सिरे से खारिज कर दिया. हालांकि जब मीडियाकर्मी ने इसकी रिकॉर्डिंग होने की बात कही, तो उऩ्होंने ब्लैकमेल करने की बात स्वीकार कर ली, लेकिन इस बाबत विस्तृत जानकारी देने से इऩकार कर दिया. मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि पाकिस्तान में ईसाइयों समेत अन्य अल्पसंख्यक समुदाय को प्रताड़ित करने के लिए ईशनिंदा का आरोप मढ़ दिया जाता है. पाक में ईशनिंदा करने पर फांसी की सजा का प्रावधान है.
Source :आजतक 

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