जीएसटी में ई-कॉमर्स कंपनियां देंगी एक फीसद तक टीसीएस


स्नैपडील और अमेजन जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों को जीएसटी व्यवस्था में अपने आपूर्तिकर्ताओं को भुगतान करते हुए अनिवार्य रूप से एक फीसद टीसीएस (स्रोत पर कर संग्रहण) काटना होगा। वस्तु एवं सेवा कर यानी जीएसटी के एक जुलाई से लागू होने की संभावना है।

जीएसटी काउंसिल ने जिस आदर्श जीएसटी कानून को अंतिम रूप दिया है, उसमें ई-कॉमर्स ऑपरेटरों की ओर से एक फीसद टीसीएस कटौती का प्रावधान है। यानी इन ऑनलाइन ऑपरेटरों पर इस बात की जिम्मेदारी होगी कि वे विक्रेताओं के भुगतान में से टैक्स काटकर सरकारी खजाने में जमा कराएं।
उद्योग ने चिंता जताई है कि स्रोत पर कर संग्रहण के प्रावधान से कंपनियों की वर्किंग कैपिटल पर प्रतिकूल असर पड़ेगा और वे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिये बिक्री से किनारा करेंगी।

विशेषज्ञों ने भी आशंका जताई है कि ऐसा होने पर राज्यों के बीच वस्तुओं की आवाजाही पर भी इतना ही शुल्क लगेगा। इस तरह कुल टीसीएस दो फीसदी हो जाएगी।

हालांकि, एक अधिकारी ने कहा, 'हमने अंतिम आदर्श जीएसटी कानून में 'तक' शब्द का इस्तेमाल किया है। इसका मतबल है कि स्रोत पर कर संग्रहण यानी टीसीएस बिक्री राशि का एक फीसद से ज्यादा नहीं होगी।'

Source : naidunia

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