रेल यात्रियों की परेशानियों को दूर करने के लिए रेल मंत्रालय का ट्विटर हैंडल @RailMinIndia काफी असरदार जरिया साबित हुआ है. रेलवे के इस आधिकारिक हैंडल के करीब 27 लाख फॉलोअर हैं और अब तक इस पर 3,78,000 ट्वीट हो चुके हैं. इस ट्विटर हैंडल के जरिये हर दिन आने वाली करीब 3000 शिकायतों पर कार्रवाई की जाती है.
रेलमंत्री सुरेश प्रभु के सराहनीय पहल पर रेल मंत्रालय ने वर्ष 2015 में एक टीम का गठन किया था, जो ट्विटर और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया पर मिलने वाली यात्रियों की शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें दूर करने की कोशिश करता है. यह कदम मुसाफिरों के लिए बड़ा सहारा बनकर उभरा है और इस पर उनकी शिकायतों और सवालों को आधे से चार घंटे के अंदर हल किया जाता है.
रेलमंत्री ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ट्विटर एक मजबूत माध्यम साबित हुआ है. इससे हमें संतुष्टि होती है, जब हम मुसाफिरों के सफर को आसान बना पाते हैं. मैं खुद भी ट्विटर हैंडल पर नजर रखता हूं. इससे मुझे रेल सेवाओं के बारे में फीडबैक और सुधार करने में मदद मिलता है.
रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, 'हमारी टीम को रोजाना करीब 6500 ट्वीट मिलते हैं, जिनमें से करीब 3000 ट्वीट शिकायतों वाली होती हैं. हम नए ट्वीट पर तुरंत कदम उठाते हैं और हमारी टीम यात्रियों के वेरीफिकेशन के बाद शिकायतों का निपटारा करती है. इसके बाद अगली कार्रवाई के लिए हम उनके संदेश संबंधित विभाग को भेज देते हैं.'
अधिकारी ने बताया कि भारतीय रेलवे के 68 खंडों में हमारे पास 150 कर्मचारियों की समर्पित टीम है, जो लगातार सोशल मीडिया पर यात्री संदेशों पर नजर रखती है और यह भी सुनिश्चित करती है कि यात्रियों की समस्या तय समय या 30 मिनट के अंदर सुलझाई जाए. वह कहते हैं, 'हमारी कोशिश होती है कि यात्रियों को यह बताया जाए कि उसकी शिकायत पर क्या कार्रवाई हुई है. इसके साथ ही समस्या के समाधान के बाद हमारी टीम उन तक पहुंचकर उनसे फीडबैक भी लेती है.
Source : आजतक
रेलमंत्री सुरेश प्रभु के सराहनीय पहल पर रेल मंत्रालय ने वर्ष 2015 में एक टीम का गठन किया था, जो ट्विटर और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया पर मिलने वाली यात्रियों की शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें दूर करने की कोशिश करता है. यह कदम मुसाफिरों के लिए बड़ा सहारा बनकर उभरा है और इस पर उनकी शिकायतों और सवालों को आधे से चार घंटे के अंदर हल किया जाता है.
रेलमंत्री ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ट्विटर एक मजबूत माध्यम साबित हुआ है. इससे हमें संतुष्टि होती है, जब हम मुसाफिरों के सफर को आसान बना पाते हैं. मैं खुद भी ट्विटर हैंडल पर नजर रखता हूं. इससे मुझे रेल सेवाओं के बारे में फीडबैक और सुधार करने में मदद मिलता है.
रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, 'हमारी टीम को रोजाना करीब 6500 ट्वीट मिलते हैं, जिनमें से करीब 3000 ट्वीट शिकायतों वाली होती हैं. हम नए ट्वीट पर तुरंत कदम उठाते हैं और हमारी टीम यात्रियों के वेरीफिकेशन के बाद शिकायतों का निपटारा करती है. इसके बाद अगली कार्रवाई के लिए हम उनके संदेश संबंधित विभाग को भेज देते हैं.'
अधिकारी ने बताया कि भारतीय रेलवे के 68 खंडों में हमारे पास 150 कर्मचारियों की समर्पित टीम है, जो लगातार सोशल मीडिया पर यात्री संदेशों पर नजर रखती है और यह भी सुनिश्चित करती है कि यात्रियों की समस्या तय समय या 30 मिनट के अंदर सुलझाई जाए. वह कहते हैं, 'हमारी कोशिश होती है कि यात्रियों को यह बताया जाए कि उसकी शिकायत पर क्या कार्रवाई हुई है. इसके साथ ही समस्या के समाधान के बाद हमारी टीम उन तक पहुंचकर उनसे फीडबैक भी लेती है.
Source : आजतक
