बिहार में महागठबंधन टूटने और नई सरकार के गठन के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पहली बार मीडिया से मुखातिब हुए. सोमवार को एक प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन कर नीतीश कुमार ने कहा कि मैंने गठबंधन धर्म का पूरा पालन किया. आरजेडी के बयानों के कारण ही महागठबंधन में ऐसे हालत पैदा हुए. मैंने अपनी पूरी क्षमता से गठबंधन धर्म का पालन किया. नीतीश ने कहा कि भ्रष्टाचार पर किसी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता. पढ़िए नीतीश ने और क्या कहा...
मेरा मजाक उड़ाया गया
बीजेपी के साथ गठजोड़ कर सरकार बनाने के बाद विपक्षी पार्टियों के निशाने पर आए नीतीश कुमार ने कहा कि तेजस्वी यादव पर लग रहे आरोपों के बीच मैंने उनसे कहा कि आप मुझे नहीं तो जनता के सामने ही पूरे मामले पर सफाई दें. लेकिन इस पर मेरे बारे में ही मीडिया में गलत खबरें फैलाई गई. इतना ही नहीं मैंने सच्चाई जाननी चाही तो मेरा ही मजाक उड़ाया गया.
हो गया था मजबूर
पार्टी की बैठक में काफी विचार- विमर्श के बाद ही यह कदम उठाया गया है. मेरी पार्टी के लोगों ने कहा कि आप अपनी नीति से नहीं हटें. मैं आरजेडी के हर तरह के आरोपों को सहता रहा, अंत में मैंने यह कदम उठाया. उन्होंने कहा कि धर्मनिरपेक्षता पर मुझे किसी के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है. बीजेपी के साथ पिछली सरकार में अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए काफी काम किए थे.
नीतीश के बयान की 10 खास बातें
- आरजेडी के बयानों के कारण ऐसे हालत पैदा हुए.
- सच्चाई जाननी चाही तो मेरा मजाक उड़ाया गया.
- मेरे सामने गठबंधन तोड़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं था.
- मेरी पार्टी के लोगों ने कहा कि आप अपनी नीति से न हटें.
- मीडिया में मेरे बारे में गलत बातें फैलाई गई.
- मैं आरजेडी के हर आरोप को सहता रहा.
- मैंने तेजस्वी जी को कहा था कि आरोपों जनता के सामने सफाई दें.
- धर्मनिरपेक्षता पर मुझे किसी के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है.
- राजगीर में मेरी तबियत खराब थी.
Source : ZEE NEWS
