एक लाख संदिग्ध कंपनियों पर लगा ताला, अभी और कड़ी कार्रवाई होगी : पीएम नरेंद्र मोदी

नई दिल्‍ली: 30 जून को संसद भवन में जीएसटी लागू होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को दिल्‍ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्‍टेडियम में इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) के स्थापना दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए टैक्‍स चोरी में लगी कंपनियों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी देते हुए कहा कि 'सरकार ने 37,000 से अधिक शेल कंपनियों की पहचान कर ली है. साथ ही नोटबंदी के बाद एक लाख से अधिक कंपनियों का पंजीकरण रद्द कर दिया गया है'. प्रधानमंत्री ने कहा कि 'नोटबंदी के बाद आंकड़ों की तह में जाने से दिखा है कि तीन लाख से अधिक कंपनियां संदिग्ध लेन-देन में लिप्त थीं'.

प्रधानमंत्री ने कहा कि 'कालाधन के खिलाफ सरकार के कदमों का असर स्विटरजरलैंड के बैंकों के ताजा आंकड़ों से स्पष्ट झलक रहा है, वहां जमा भारतीयों का धन घटकर रिकॉर्ड न्यूनतम स्तर पर आ गया है'.

पीएम ने अपने भाषण की शुरुआत करते हुए कहा कि 'आज आईसीएआई का स्‍थापना दिवस है. मेरी तरफ से आप सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं. ये शुभ संयोग है कि आज ही आपका स्‍थापना दिवस और भारत के अर्थ जगत में एक नई राह के आरंभ दिवस 'जीएसटी' की शुरुआत भी हुई है'.


पीएम द्वारा कही गईं मुख्‍य बातें...

देश की संसद ने आपको एक पवित्र अधिकार दिया है.
बहीखातों में सही को सही और गलत को गलत कहने का, सर्टिफाई करने और ऑडिट करने का अधिकार सिर्फ आपके पास है.
सीए पर समाज की आर्थिक सेहत की जिम्‍मेदारी होती है.
दुनियाभर में भारत के CA जाने जाते हैं.
मुझे उम्‍मीद है कि ICAI का नया कोर्स इस प्रोफेशन में आने वाले लोगों की फाइनेंशल स्किल्स को और मजबूत करेगा.
हमारे शास्‍त्रों में चार पुरुषार्थ बताए गए हैं. धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष.
सीएम अर्थजगत के ऋषि मुनि हैं.
अर्थ का सही आचरण क्‍या है, कौन सा मार्ग सही है, ये दिशा दिखाने का दायित्‍व सीए फील्‍ड के हर व्‍यक्ति का है.
मेरी और आप की देशभक्ति में कोई अंतर नहीं है.
कुछ सच्‍चाई कभी-कभी सोचने को मजबूर करती हैं.
हमारे बुजुर्ग कहते हैं कि परिवार का एक-आध सदस्‍य अगर चोरी करने की आदत रखता है, तो वो परिवार कभी खड़ा नहीं हो सकता.
कोई भी देश बाढ़, भूकंप या बड़े से बड़े संकट से खुद को उबार सकता है, लेकिन अगर उस देश में कुछ लोगों को चोरी करने की आदत लग जाए तो जैसे परिवार उठ खड़ा नहीं हो पाता, वह देश और समाज भी उठ खड़ा नहीं हो पाता. सारे सपने टूट जाते हैं, विकास रूक जाता है.
कुछ लोग प्रगति रोकने का काम करते रहते हैं. ऐसे लोगों के खिलाफ सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं. नए कानून बनाए गए हैं.
विदेशी बैंकों में कालेधन पर क्‍या कार्रवाई हो रही है, इसका प्रमाण स्विस बैंक के ताजा आंकड़ों से मिलता है.
विदेश में कालाधन जमा करने वालों को और मुसीबत होने वाली है.
इस देश में अर्थव्‍यवस्‍था चलाने के साथ-साथ मैं सफाई का काम भी कर रहा हूं.
नोटबंदी का हमारा बहुत बड़ा कदम था.
मैंने सुना है कि आठ नवंबर के बाद आप लोगों (CA) को बहुत काम करना पड़ा, जितना शायद आपको पूरे करियर में नहीं करना पड़ा.
नोटबंदी के बाद बैंकों में जो पैसे जमा हुए, सरकार द्वारा उसका लगातार डाटा माइनिंग किया जा रहा है.
अभी हमने किसी को पकड़कर पूछताछ नहीं की है, सिर्फ आंकड़ों का अध्‍ययन किया है.
तीन लाख से ज्‍यादा रजिस्‍टर्ड कंपनियां ऐसी दिखाई दी हैं, जिनकी सारी लेन-देन शक के घेरे में हैं. अभी यह आंकड़ा और बढ़ना है.
जीएसटी लागू होने से 48 घंटे पहले एक लाख से ज्‍यादा कंपनियों का रजिस्‍टर्ड कंपनियों से नाम हटा दिया गया है. राष्‍ट्रहित के लिए जीने वाले ही ऐसे फैसले ले सकते हैं.
जिन्‍होंने गरीबों को लूटा है, उन्‍हें गरीबों को लौटाना ही पड़ेगा.
सरकार ने 37 हजार से ज्‍यादा शेल कंपनियों की पहचान पहले ही कर ली है.
आने वाले दिनों में और कठोर कार्रवाई की जाएगी.
कालेधन के खिलाफ फर्जी कंपनियों को खत्‍म करने का किसी राजनीतिक दल को कितना नुकसान हो सकता है, यह मुझे अच्‍छी तरह पता है.
नोटबंदी के बाद कोई तो होगा, जिन्‍होंने इस कंपनियों की मदद की होगी.
ये चोर लुटेरे, ये कंपनियां किसी न किसी 'डॉक्‍टर' के पास तो जरूर गई होंगी.
जिन्‍होंने ऐसे लोगों को सहारा दिया, रास्‍ता दिखाया हो, क्‍या ऐसे लोगों को पहचानने की जरूरत है की नहीं.
इस वक्‍त सबसे ज्‍यादा महत्‍वपूर्ण भूमिका चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की है.
कालेधन, भ्रष्‍टाचार को खत्‍म करने के लिए अपने क्लाइंट्स को ईमानदारी के रास्‍ते पर चलने की प्रेरणा देने के लिए आपको कमान संभालनी होगी.
चार्टर्ड अकाउंटेंट्स देश की इकॉनमी के भरोसेमंद ऐंबेसडर होते हैं.
देश के प्रधानमंत्री के साइन की वो ताकत नहीं है, जितनी चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के सिग्‍नेचर की होती है.
वन नेशन, वन टैक्‍स, वन मार्किट का सपना पूरा हुआ.
देश को जो टैक्‍स मिलता है, वही देश के विकास के काम आता है.
मुझे विश्‍वास है कि 1 जुलाई 2017 ICAI की यात्रा का टर्निंग प्‍वाइंट बनकर रहेगा.
चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ठान लें तो टैक्‍स चोरी करने की हिम्‍मत कोई नहीं कर पाएगा.
2022 में हमारा देश अपनी आजादी के 75 वर्ष पूरे करेगा. इसके लिए देश ने कुछ संकल्‍प किए हैं.
नया भारत हम सभी के परिश्रम की प्रतीक्षा कर रहा है.
हमारा देश इतिहास के अहम पड़ाव पर है.
चार्टर्ड अकाउंटेंट्स यह तय करें कि कैसे लोगों को ईमानदारी से टैक्‍स भरने के लिए प्रेरित किया जाए.


इससे पूर्व वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि जीएसटी पूरे देश का सांझा निर्णय है और जीएसटी का बड़ा लाभ देश को आने वाले समय में मिलेगा. वित्‍त मंत्री ने कहा कि 'GST का यह कदम पूरे देश ने उठाया है, हर राजनीतिक दल और सरकार ने इसमें सहयोग किया है. जब जीएसटी को लागू करने की बारी आई, तो किसी को इसमें घबराने की आवश्‍यकता नहीं है.  जीएसटी पूरे देश का सांझा निर्णय है.  जीएसटी का बड़ा लाभ देश को आने वाले समय में मिलेगा'.

Source :NDTVइंडिया

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