वेंकैया नायडू देश के अगले उपराष्ट्रपति होंगे. उन्होंने विपक्ष के उम्मीदवार गोपाल कृष्ण गांधी को हराकर उपराष्ट्रपति पद का चुनाव जीता है. वेंकैया ने विपक्ष के उम्मीदवार गोपाल कृष्ण गांधी को 272 मतों के अंतर से हराया. वेंकैया को जहां 516 मत प्राप्त हुए, वहीं गोपाल कृष्ण गांधी को 244 वोट मिले.
वेंकैया नायडू के जीत पर पीएम नरेंद्र मोदी ने उन्हें बधाई दी है. पीएम ने ट्वीट किया, ‘वेंकैया के साथ काम करना सौभाग्य की बात. राष्ट्र निर्माण में वेंकैया का योगदान. मुझे भरोसा है कि वो देश के ऐसे उपराष्ट्रपति साबित होंगे जो देश को और ऊंचाई पर ले जाएंगे.’
पीएम ने ट्वीट कर कहा, ‘उनके साथ काम करने की पूरानी यादें अब भी ताजा हैं. उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं.’
वेंकैया नायडू के जीत पर विपक्ष के उम्मीदवार गोपाल कृष्ण गांधी ने उन्हें बधाई देते हुए कहा, ‘मैं उन्हें शुभकामनाएं देता हूं.’
जानें वेंकैया नायडू के बारे में…
आंध्रप्रदेश के नेल्लोर जिले के रहने वाले वेंकैया नायडू बीजेपी में शामिल होने से पहले 70 के दशक में आरएसएस और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में उल्लेखनीय योगदान दे चुके हैं. आपातकाल के दौरान वो जय प्रकाश नारायण के आंदोलन से जुड़े थे और उस समय वो जेल भी गये थे.
1978 और 1983 में नेल्लौर से विधायक चुने के बाद वो पहली बार 1998 में राज्यसभा सांसद बने. वेंकैया नायडू मोदी सरकार के सबसे वरिष्ठ मंत्रियों में से एक रहे हैं. उन्हें 25 साल का लंबा संसदीय कार्य का अनुभव है. नायडू 4 बार राज्यसभा के सदस्य रहे हैं.
अटल सरकार में ग्रामीण विकास मंत्री रहे
वेंकैया नायडू 2000 से 2002 तक अटल सरकार में ग्रामीण विकास मंत्री भी रहे हैं. वो 2002 से 2004 तक बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके हैं. ना सिर्फ वो इंग्लिश, हिंदी, तेलगू, तमिल तमाम भाषाएं जानते हैं, बल्कि पूरे देश में वो एक ऐसा जाना पहचाना चेहरा हैं.
सूचना प्रसारण और शहरी विकास मंत्री हैं नायडू
इससे पहले 27 मई 2014 से 5 जुलाई 2016 तक वो संसदीय कार्यमंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं. मोदी सरकार में वेंकैया नायडू की भूमिका एक संकटमोचक की रही है. अपनी सियासी सूझबूझ के बल पर वेंकैया ने कई बार पार्टी और सरकार को संकट से निकालने में मदद की है.
Source : ABP NEWS

