क्या आपने कभी सोचा है, कैलक्यूलेटर और फोन के न्यूमेरिक कीपैड उलटे क्यों होते हैं? इन दोनों कीपैड में अगर कुछ सामान होता है तो वह होता है "0", "0" दोनों ही कीपैड में बीच में होता है। बाकी की संख्या कैलक्यूलेटर में ऊपर से निचे तथा फोन में निचे से ऊपर होती है। अगर आप इन सर दर्द सवालों से परेशान हो चुके हैं, तो आप बिलकुल सही जगह आए हैं यहाँ आपको हर सवालों के जवाब मिल जाएँगे।
तो यह है सिद्धांत
तो सिद्धांत यह है सबसे अधिक उपयोग में आने वाले बटन निचे होते हैं।
पुरानी मशीनें
पुरानी मकैनिकल मशीनों में जीरो बीच में होता था, क्योंकि 0 का उपयोग बहुत ज्यादा होता है। डिजाईनरों ने सोचा अगर इसे बीच में रखा जाएगा तो ज्यादा आसानी होगी। उसके बाद 1,2,3 को रखा गया फिर 4,5,6 और अंत में 7,8,9 को जगह मिली।
नए डिवाइस
नए इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के डिजाईन में 0 को निचे लिया गया है और 1 को लेफ्ट कॉर्नर में तथा 9 को राईट कॉर्नर में रखा गया है।
टेलिफोन
टच फोन के पहले टेलिफोन का अविष्कार हुआ, टेलीफोन में रोटेशन डायल था। बटन में 1 से 9 तक के सीरीयल नंबर थे, और आखरी में 0 था। और जब आपको किसी नंबर को डायल करना होता तो ऊँगली से नंबर को घुमाना पड़ता।
टच फोन
मगर जब टच फोन का अविष्कार हुआ तब डिजाईनरों ने सोचा क्यों न इसका लेआउट चेंज कर दिया जाय, और इस डिजाईन को कैलक्युलैटर से बदला जाए। एक सामान्य टेस्ट करने के बाद डिजाईनरों ने सोचा क्यों न 1,2,3 को सबसे ऊपर ले जाया जाय 4,5,6 को उसके निचे और आखिर में 7,8,9 को रखा जाए। और यह काफी हद तक उन्हें ज्यादा फायदेमंद भी लगा।
तो यह वजह थी फोर्मेट में बदलाव लाने की।
Source : wittyfeed
