दोस्तों, जैसा के आप जानते है, आज हम बात करने वाले है प्रधानमंत्री के सुरक्षा कर्मियों के हाँथ में ब्रीफ़केस को लेकर. आप सभी ने प्रधानमंत्री के सुरक्षा गार्ड तो जरुर देखे होंगे. आपको बता दें कि यह जिम्मेदारी एसपीजी द्वारा की जाती है. एसपीजी का फुल फॉर्म होता है स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप और इसकी स्थापना भी खासकर प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए ही की गई है. आपको यह बात जानकर हैरानी होगी कि एसपीजी पूर्व प्रधानमंत्री और उनके परिवार की भी सुरक्षा का ध्यान रखती है. प्रधानमंत्री किसी भी इलाके से गुजरे, एसपीजी हर एक चप्पे-चप्पे की रखवाली करने में कारगर रहती है.
लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि प्रधानमंत्री के सुरक्षा गार्डों के हाथ में ब्रीफ़केस क्यों होता है. तो चलिए आज हम आपको बताते हैं ऐसा किस लिए होता है.
आपको बता दें कि वास्तव में यह सूटकेस नुक्लेअर बटन होता है जिसे प्रधानमंत्री के कुछ फीट दूर रखा जाता है. यह सूटकेस बेहद पतला दिखता है लेकिन असल में यह पोर्टेबल बुलेटप्रुफ शील्ड का काम भी करता है. एनआजी लेवल 3 की सुरक्षा जिस भी इंसान को प्रदान की जाती है उसे यह सूटकेस दिया जाता है. इस सूटकेस में इतनी ताकत होती है कि यह किसी भी बैलिस्टिक मिसाइल को रोक सकता है.
विशिष्ट व्यक्तियों को तत्काल सुरक्षा देने में यह सूटकेस पूर्ण रूप से कारगर है. आपको बता दें कि एसपीजी कैबिनेट सचिवालय के तहत आता है और महानिदेशक भारतीय पुलिस के सेवा के अधिकार के तहत भी होता है. एसपीजी के कमांडो और उनका चुनाव केंद्र सशस्त्र पुलिस बल और रेलवे सुरक्षा बल के जवानों में से किया जाता है. लेकिन, इनकी कमान आईपीएस और आरपीएफ के अधिकारियों के हाथ में होती है. एसपीजी लगातार विशिष्ट व्यक्तियों को अपनी सर्वोच्च सुरक्षा प्रदान करती आई है.
लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि प्रधानमंत्री के सुरक्षा गार्डों के हाथ में ब्रीफ़केस क्यों होता है. तो चलिए आज हम आपको बताते हैं ऐसा किस लिए होता है.
आपको बता दें कि वास्तव में यह सूटकेस नुक्लेअर बटन होता है जिसे प्रधानमंत्री के कुछ फीट दूर रखा जाता है. यह सूटकेस बेहद पतला दिखता है लेकिन असल में यह पोर्टेबल बुलेटप्रुफ शील्ड का काम भी करता है. एनआजी लेवल 3 की सुरक्षा जिस भी इंसान को प्रदान की जाती है उसे यह सूटकेस दिया जाता है. इस सूटकेस में इतनी ताकत होती है कि यह किसी भी बैलिस्टिक मिसाइल को रोक सकता है.
विशिष्ट व्यक्तियों को तत्काल सुरक्षा देने में यह सूटकेस पूर्ण रूप से कारगर है. आपको बता दें कि एसपीजी कैबिनेट सचिवालय के तहत आता है और महानिदेशक भारतीय पुलिस के सेवा के अधिकार के तहत भी होता है. एसपीजी के कमांडो और उनका चुनाव केंद्र सशस्त्र पुलिस बल और रेलवे सुरक्षा बल के जवानों में से किया जाता है. लेकिन, इनकी कमान आईपीएस और आरपीएफ के अधिकारियों के हाथ में होती है. एसपीजी लगातार विशिष्ट व्यक्तियों को अपनी सर्वोच्च सुरक्षा प्रदान करती आई है.