केंद्र सरकार ने बिहार के दो पूर्व मुख्यमंत्रियों लालू प्रसाद यादव और जीतन राम मांझी की जेड प्लस की सुरक्षा में कटौती करते हुए उन्हें जेड कैटगरी की सुरक्षा देने का फैसला किया है. बिहार की सियासत में इस मुद्दे पर कोहराम मच गया है. लालू के बेटे और पूर्व मंत्री तेज प्रताप ने तो पीएम मोदी को धमकी दी है. केंद्र की सरकार ने वीवीआईपी सुरक्षा की समीक्षा के बाद यह फैसला लिया है. केंद्र सरकार ने इस फैसले में यह दिखाने की कोशिश की है कि सुरक्षा में कटौती अकेले लालू ही नहीं, जीतनराम मांझी की भी गई है. बहरहाल, सभी के मन में यह सवाल होता है की आखिर ‘जेड प्लस’ सिक्यूरिटी होती क्या है. आइए, जानते हैं कि आखिर जेड प्लस और जेड सिक्योरिटी क्या है?
बता दें कि जेड प्लस कैटगरी में 36 सुरक्षाकर्मी तैनात होते हैं. 10 एसपीजी और एनएसजी कमांडो होते है और बाकी पुलिस होते है. खतरों को देखते हुए ही जेड प्लस, जेड, वाई या एक्स कैटगरी की सुरक्षा देने का फैसला किया जाता है. इस तरह की सुरक्षा पाने वाले अधिकांश लोग केंद्र सरकार के मंत्री, राज्यों के मुख्यमंत्री, सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के न्यायाधीश, मशहूर राजनेता और कुछ सीनियर ब्यूरोक्रेट्स होते हैं.
सिक्यूरिटी के पहले घेरे में एनएसजी के कमांडो होते है, जबकि दूसरे लेयर में एसपीजी के अधिकारी होते हैं. इनके अलावा आईटीबीपी और सीआरपीएफ के जवान भी सुरक्षा प्रदान करते है. जेड प्लस कैटगरी की सुरक्षा के तहत प्रधानमंत्री और पूर्व प्रधानमंत्रियों को एसपीजी कमांडो सुरक्षा कवच प्रदान करते हैं.
वहीं, जेड कैटगरी में 22 सुरक्षाकर्मी तैनात होते हैं. साथ ही एस्कॉर्ट कार भी होती है. इसके आलावा वाई कैटगरी भी होती है जिसमें 11 सुरक्षाकर्मी तैनात होते हैं. एक्स कैटगरी में मात्र 2 सुरक्षाकर्मी तैनात होते हैं.
केंद्रीय गृह मंत्रालय की सुरक्षा वापसी का आदेश पटना गृह विभाग को प्राप्त हुआ है. राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के साथ लंबे अरसे से नेशनल सिक्यूरिटी गार्ड (NSG) के कमांडो तैनात रहते थे. बताया जाता है कि आदेश के बाद अब जेड केटेगरी में उन्हें NSG कमांडो नहीं मिलेंगे. जेड केटेगरी में अब CRPF के जवान लालू प्रसाद की सुरक्षा में तैनात किए जाएंगे.
आइए थोड़ा विस्तार से जानते हैं…
अभी भारत में प्रमुख रूप से चार सुरक्षा श्रेणियां हैं. इनमें जेड प्लस (36 सुरक्षाकर्मियों का घेरा), जेड (22 सुरक्षाकर्मियों का घेरा), वाई (11 सुरक्षाकर्मियों का घेरा) और एक्स (2 सुरक्षाकर्मियों का घेरा) शामिल हैं. मुख्य रूप से कैबिनेट मंत्री, राज्यों के मुख्य मंत्री, हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के जज, प्रमुख राजनीतिज्ञ और वरिष्ठ नौकरशाहों को ये सुरक्षा मिली हैं. ‘जेड प्लस, जेड, वाई और एक्स’ सुरक्षा एजेंसियों के जिम्मे इन लोगों की सुरक्षा है.
प्रधानमंत्री, पूर्व प्रधानमंत्री और उनके परिजन को जेड प्लस सुरक्षा मिली है. इन लोगों की सुरक्षा का दायित्व एसपीजी का है. हालांकि प्रधानमंत्री के सुरक्षा दस्ते में एसपीजी के अलावा एनएसजी अधिकारी भी होते हैं.
देश की सुरक्षा श्रेणियां
- जेड प्लस – 36 सुरक्षाकर्मियों का घेरा
- जेड – 22 सुरक्षाकर्मियों का घेरा
- वाई – 11 सुरक्षाकर्मियों का घेरा
- एक्स – 02 सुरक्षाकर्मियों का घेरा
इन एजेंसियों पर है जिम्मा
- स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी)
- नेशनल सिक्युरिटी गार्ड (एनएसजी)
- भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी)
- सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ)
- दिल्ली पुलिस
