क्या आपको पता है कि राष्ट्रपति भवन में पंखे उल्टे लगे हुए, इसकी वजह जानकर आपको भी यकीन नहीं होगा कि आखिर क्यों ऐसा है।
राष्ट्रपति भवन में 340 कमरें हैं, इसको बनने में पुरे 17 साल लगे और 83 लाख की लागत आई थी। वास्तुकार हर्बर्ट इसे तीन तरफ़ा रूप देना चाहते थे, इसलिए इसके ऊपर विशाल गुंबद रखने का प्रस्ताव किया गया। फिर काफी सोचने के बाद ऐसा नक्शा सामने आया जिसमें वृताकार भवन पर एक गुंबद हो जो किसी के भवन के पास आते जाने पर अपने को भवन के अंदर समाहित करता नज़र आए। आपको बता दें कि राष्ट्रपति भवन 144 खम्बों पर टिका हुआ है, साथ इसके आस पास सुंदर बगीचें हैं। भवन के अंदर एक centeral हॉल है जिसका माप 98 फुट डाईमीटर है। यहीं भारत के पहले प्रधानमंत्री ने शपथ ली थी और भारत का संविधान भी यहीं लिखा गया है।
इसलिए लगे हैं उलटे पंखें
राष्ट्रपति भवन में उल्टे पंखे लगे हुए हैं, ऐसा क्यों हैं? जब इस बात का पता लगा, तो बताया गया कि यहां ऐसे पंखे पहले से ही लगे हुए हैं, क्यूंकि छत की उचाई ज्यादा है। और आज भी इसे एतिहासिकता बनाए रखने के लिए बदला नहीं गया इसमें आज भी वही उल्टे पंखे लगे हैं। आपको यकीन नहीं होगा आज भी यहाँ घंटा बजाकर मेम्बर को बुलाया जाता है।