हम सभी को पता है कि दुनिया में सात अजूबे है. यह अजूबे सभी अलग–अलग देश में किसी शहर तो किसी राज्य में स्थित है. लेकिन क्या कभी आपने सोचा की इन सात अजूबे की छटनी कैसे हुई थी. इन सात अजूबे की सभी दूर बहुत चर्चाए होती रहती है. तो आज हम बताते है कि ये सात अजूबे कैसे बने थे तो देर किस बात की आइये जानते है.
न्यू 7 वंडर फाउंडेशन के मुताबिक इस पोल में दुनिया के लगभग सौ मिलियन लोगों ने इन्टरनेट और फ़ोन के जरिये अपना वोट दिया था. लेकिन इसमें यह डर था की इन्टरनेट और फ़ोन के जरिये कई सारे वोट दे सकता है. वोटिंग 2007 तक चली थी और इस पोल का परिणाम 7 जुलाई 2007 को लिस्बन में सबके सामने आया था. नीचे देखिये दुनिया के 7 अजुबें कौन-कौन से है
1. ताजमहल
आगरा में संगमरमर का बना यह मक़बरा मुग़ल बादशाह शाहजहाँ ने अपनी पत्नी की याद में बनवाया था. यह सुन्दर ताजमहल भारत में स्थित है.
2. क्राइस्ट द रिडीमर –
ब्राजील के ‘रियो डि जनेरियो‘ में पहाड़ी के ऊपर स्थित 130 फुट ऊँची ‘क्राइस्ट द रिडीमर‘ यानिकी ‘उद्धार करने वाले ईसा मसीह‘ की मूर्ति है.
3. चीन की दीवार –
चीन की यह दीवार 5वीं सदी ईसा पूर्व में बननी चालू हुई थी और 16 वीं सदी तक बनती रही। यह दीवार चीन की उत्तरी सीमा पर बनाई गयी थी ताकि मंगोल आक्रमणकारियों को रोका जा सके.
4. रोम का कोलोसियम –
रोम का कोलोसियम का असली लेटिन नाम ‘एम्फीथिएटरम् फ्लावियम’ है, जिसे अंग्रेजी में ‘फ्लावियन एम्फीथिएटर’ कहा जाता है.
5. जोर्डन का ‘पेत्रा’
अरब के रेगिस्तान के कोने में बसा पेत्रा 2000 साल पुराना शहर है जो राजा अरेतास चतुर्थ की राजधानी था. यह अपने तरह की पत्थर की इमारतों के लिये प्रसिद्ध है, जो लाल चट्टानों से बनी हैं.
6. माचू पिच्चू –
दक्षिण अमरीका में एंडीज पर्वतों के बीच बसा माचू पिच्चू शहर पुरानी इंका सभ्यता का सबसे बढ़िया उदाहरण है. माचू पिच्चू 15वीं शताब्दी तक बसा हुआ था.
7. चिचेन इत्जा –
आज के मध्य अमेरिका में स्थित यह मंदिर-नगरी पुरानी माया सभ्यता का अवशेष है. माया सभ्यता यहाँ पर 750 से 1200 सदी के बीच फली-फूली और यह शहर इनकी राजधानी और धर्मिक नगरी थी.
